जो मेरा हो जायेगा तो तेरा क्या जायेगा?
बहुतों ने तुझे चाहा, बहुतों को तूने चाहा,
जो किसी को अपना बनाएगा तो तेरा क्या जायेगा?
जिंदा तो ये बदन अब भी है लेकिन,
जो तू इसकी ज़िन्दगी बन जायेगा तो तेरा क्या जायेगा?
तन्हाई की रेत में सिक रहे हैं सदियों से,
जो तू मोहब्बत में थोड़ा जलायेगा तो तेरा क्या जायेगा?
नाम मुझे दिया है दीवानी का दुनिया ने,
जो तू कुछ और दीवानी बनायेगा तो तेरा क्या जायेगा?
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मेरी बेहयाई पे ना ख़फ़ा हो महताब मेरे,
तेरे साए के नूर से ही तो चलती है ज़िन्दगी मेरी,
तेरी हर नज़र की कीमत अपनी साँसों से चुकाती हूँ मैं,
मेरी हर धड़कन बयां करती है मजबूरी मेरी,
तुझे कौन देखता है इसकी फ़िक्र क्यूँ हो मुझे,
जब तक बस मुझे देखती है हर नज़र तेरी...
